बुधवार, 14 दिसंबर 2011

गम कभी आने न देंगे.

अग्नि को साक्षी मान कर

सात फेरे हम लिए है

हम तुझे जाने देंगे

गम कभी आने देंगे

लड़ जाए गे उस बला से

जो तेरा अपमान करे

मांगना है मांग मांग लो जो

आसमा के तारे देंगे

गम कभी आने देंगे

हम तुझे जाने देंगे

जब तक जिन्दा रहे जम पर

हम तुम्हे हंसना सिखाये

गर कभी आये मुशीबत

साथ मिल कर उसे भगाए

कल तेरा कोई मीत आये

हम उसे आने देंगे

हम तुझे जाने देंगे

हंसी खुसी से रहे यहाँ सब

यही दुआ तुम कीजिये

कोई भूँखा जाए द्वार से

खाना उसको दीजिये

गर कोई आँख तुमको दिखाए

आँख उसकी फोड़ देंगे

हम तुझे जाने देंगे

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