अग्नि को साक्षी मान कर ॥
सात फेरे हम लिए है॥
हम तुझे जाने न देंगे॥
गम कभी आने न देंगे॥
लड़ जाए गे उस बला से॥
जो तेरा अपमान करे॥
मांगना है मांग मांग लो जो॥
आसमा के तारे देंगे॥
गम कभी आने न देंगे॥
हम तुझे जाने न देंगे॥
जब तक जिन्दा रहे जम पर॥
हम तुम्हे हंसना सिखाये॥
गर कभी आये मुशीबत ॥
साथ मिल कर उसे भगाए॥
कल तेरा कोई मीत आये॥
हम उसे आने न देंगे॥
हम तुझे जाने न देंगे॥
हंसी खुसी से रहे यहाँ सब॥
यही दुआ तुम कीजिये॥
कोई भूँखा न जाए द्वार से॥
खाना उसको दीजिये॥
गर कोई आँख तुमको दिखाए॥
आँख उसकी फोड़ देंगे॥
हम तुझे जाने न देंगे॥
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