चला चली गाँव की ओर॥२।
यहाँ पे देखो वहा पे देखो॥
खुल्लम खुल्ला करते शोर।
चला चली गाँव की ओर॥२।
वहा पे चाचा बुद्धू काका॥
आजा आजी नानी नाना॥
बड़े सबेरे उठते भोर॥
चला चली गाँव की ओर॥२।
यहाँ पे आयी ये बेकारी॥
दाता ये कैसे बेरोजगारी॥
घूंस खोरी की लगी है डोर॥
चला चली गाँव की ओर॥२।
अफसर नेता और सिपाही॥
करते बेकसूर पिटायी॥
ये कैसी है ताकत जोर॥
चला चली गाँव की ओर॥२।
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