हम मानवता के दीप है॥
जो करते प्रकाश॥
सच कैनी पकड़ कर॥
चले जाते उस पार॥
आगे कदम बढ़ता रहे॥
मौसम भी मुस्कात॥
बसी बुराई दूर है॥
आवत लागे लाज... त्याग दिया हूँ ॥ मन से काले धंधे॥
छोटी चिडिया आँगन में आकर॥
चावल के किनके चुगती थी॥
चारो तरफ़ फुदक फुदक के॥
ची ची ची ची करती ही॥
उस समय आँगन में मेरे ॥
अद्भुत शोभा होती थी॥
पता नही क्या कारन है अब॥
शायद चावल में नही मिठाई है॥
कई महीने बीत गए ॥
गौरैया नही दिखाई है॥
हैरानी के बीज जो बोओगे॥
तो धरती बंजर हो जायेगी॥
सूख जायेगे झरने नैया॥
मरने की नौबत आ जायेगी॥
हवा न देगी ढंडक उनको॥
मौसम न उन्हें नहलाएगा॥
सच्चाई की थाप पड़ेगी॥
हस हस गगन रुलाएगा॥
पाखंडी पापी चिल्लायेगे॥
काल की कुर्की जब आएगी॥
अत्याचारी की मधाही जो है॥
सच्चाई उन्हें धहाएगी॥
उनके संतापों की अन्तिम लीला
हाय हाय करते जायेगी...
आज बादल बरात है लाया॥
उमड़ घुमड़ कर धरती पर॥
आतिश बाजी हो रही है ॥
दुल्हन के ड्योढी पर॥
हरियाली दुल्हन बन बैठी॥
कलियाँ उसे सजा रही है॥
कीट पतंगे नाच दिखाते॥
वर्षा माँ मुस्का रही है॥
देव लोक से पुष्प बरसते ॥
दुल्हन देल्हे की भावरी पर॥
मेरे पास दो अनमोल रतन है॥
एक मै ख़ुद
दुसरा मेरा विशवास ॥
तीसरा आना चाहता है॥
लेकिन मै उसे आने नही देता॥
वह अहंकार है॥ उसके आते ही हमारे दोनों रत्नों का विनाश हो जाएगा॥
प्यार के धोखे कैसे दस्ते है
शायद तुमको मालूम होगा//
नींद तो मेरी टूट गयी है,
तेरी नींद का क्या होगा॥
साथ होता तो थपकी देता
सीने पर दिल रख सो जाती
कुछ पल तो मई भी खुश रहता
ये वक्त बताये गा क्या होगा॥
मेरी हँसी तो रूठ गयी है
तेरी हँसी का क्या होगा॥
साथ होता तो खुश कर देता
मेरी बातो पर हस देती
उसी पालो में मन खो जाता
ये वक्त बताये गा क्या होगा//
मेरा दिल तो दूर चला गया
तेरे दिल का क्या होगा
पास होता तो थाम लेता
गद गद हो जाता ललचाया जिया
खुशी के मोटी मई चुग लेता
ये वक्त बायेगा क्या होगा//
आंधी तो मुझको ठेल दिया है
तेरे सहारे का क्या होगा
पास होता तो वाहो में जाकर कर
मन की बातें कह देता ,,
कब झरने से आंसू बंद होगे,
ये वक्त बताये गा क्या होगा//