गुरुवार, 26 मार्च 2009

वक्त बताये गा क्या होगा//

प्यार के धोखे कैसे दस्ते है

शायद तुमको मालूम होगा//

नींद तो मेरी टूट गयी है,

तेरी नींद का क्या होगा॥

साथ होता तो थपकी देता

सीने पर दिल रख सो जाती

कुछ पल तो मई भी खुश रहता

ये वक्त बताये गा क्या होगा॥

मेरी हँसी तो रूठ गयी है

तेरी हँसी का क्या होगा॥

साथ होता तो खुश कर देता

मेरी बातो पर हस देती

उसी पालो में मन खो जाता

ये वक्त बताये गा क्या होगा//

मेरा दिल तो दूर चला गया

तेरे दिल का क्या होगा

पास होता तो थाम लेता

गद गद हो जाता ललचाया जिया

खुशी के मोटी मई चुग लेता

ये वक्त बायेगा क्या होगा//

आंधी तो मुझको ठेल दिया है

तेरे सहारे का क्या होगा

पास होता तो वाहो में जाकर कर

मन की बातें कह देता ,,

कब झरने से आंसू बंद होगे,

ये वक्त बताये गा क्या होगा//

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