डम डम डमरू बजाय रहे भोला॥
मोहिनी सुरतिया देखाय रहे भोला॥
भोले के सर पर गंगा विराजे॥
गंगा की लहरे हिलाय रहे भोला॥
डम डम डमरू बजाय रहे भोला॥
मोहिनी सुरतिया देखाय रहे भोला॥
भोले के सर पर चंदा विराजे॥
चन्दा की चमक चमकाय रहे भोला॥
डम डम डमरू बजाय रहे भोला॥
मोहिनी सुरतिया देखाय रहे भोला॥
भोले गले में नाग लपेटे॥
नाग की फन फन्काय रहे भोला॥
डम डम डमरू बजाय रहे भोला॥
मोहिनी सुरतिया देखाय रहे भोला॥
भोले की लीला शम्भू लिखत है॥
शम्भू को लीला देखाय रहे भोला॥
डम डम डमरू बजाय रहे भोला॥
मोहिनी सुरतिया देखाय रहे भोला॥
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें