प्रभु दया करो इस बालक पर॥
जो मंदिर में तुम्हारे आया है॥
अपनी अर्श लगा करके ॥
जो चरणों में शीश झुकाया है॥
जल डूबत गजराज छुडाया॥
द्रोपत सुता की लाज बचाया॥
गौतम ऋषि अहिल्या तारा॥
अत्याचारी कंस को मारा॥
बागो से फूलो को चुन चुन का
चरणों पे लाके चाढाया है॥
प्रभु दया करो इस बालक पर॥
जो मंदिर में तुम्हारे आया है॥
मन में कोई न पाप रहे॥
न लोगो से संताप रहे॥
हम चले सत्य की राहो पर॥
प्रभु चरणों का आशीर्वाद रहे॥
भोले दया करो इस बालक पे॥
जो कब से आश लगाया है॥
प्रभु दया करो इस बालक पर॥जो मंदिर में तुम्हारे आया है॥
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